नई दिल्ली। क्या कभी ऐसा हुआ है कि आपने अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज़, चाबियां, क्रेडिट/ डेबिट कार्ड या पासपोर्ट खो दिया हो और सोचा हो,कि काश आपके पास उन्हें वापस पाने का कोई तरीका हो? या कहीं आपने कोई खोया हुआ बच्चा या बुजुर्ग देखा हो जो अपने घर का पता बताने में असमर्थ हो, और आप उसे उसके परिवार से मिलवाना चाहते हो पर कैसे? तो अब इस प्रकार अपने आप को और अपने परिवार के सदस्यों को सजग रखने के लिए “इंटेलो टैग्स इंडिया का …लास्ट एंड फाउंड ग्रीन टैग आपकी सभी समस्याओं को ना केवल सुलझाएगा, बल्कि आपको औरों की सहायता करने के लिए भी प्रेरित करेगा।

इस ग्रीन टैग के निर्माता श्री अमित जैन ने बताया कि आजकल शहर में सडक दुर्घटनाएं या गलत पार्किंग होने की वजह से आपसी झगड़े होना आम बात हो गई है, लेकिन कितना अच्छा हो कि आप उसी समय इस ग्रीन टैग के माध्यम से समस्या का समाधान मौके पर ही कर दें। उन्होंने बताया कि यह टैग पूरी तरह एन्वायरमेंट फ्रेंडली है और इसे किसी भी प्रकार की बैटरी की आवश्यकता नहीं है, और तो और यह टैग बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, मरीज, बैग्स, पेट्स मोबाइल, इलैक्ट्रिक उपकरणों, कार, बाइक आदि सभी के लिए है, जो कि अलग-अलग रंगों व डिजाइन में मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस टैग के माध्यम से आप अपनी जीवनापयोगी चीजो को सुरक्षित रख सकते हैं।

श्री जैन ने बताया कि हाल ही में दिल्ली मेट्रो के खोया-पाया विभाग ने समाचार पत्रों के माध्यम से सूचित किया था कि हर साल लगभग 10000 चीज़ें जिसमें पर्स, चाबी, मोबाइल से लेकर एलसीडी तक खोती है जिसमे से शायद कुछ ही चीज़ें उनके मालिकों तक वापस पहुंच पाती हैं। ‘इंटेलो टैग्स’ इन्हीं समस्याओं पर काम करता है।

किसी भी वस्तु के खो जाने या किसी आपात स्थिति में ‘इंटेलो टैग’ को मोबाइल से स्कैन करने पर डायरेक्ट वस्तु के स्वामी को कॉल व ईमेल द्वारा अथवा आपातस्थिति में परिजनों को इमरजेंसी कॉल के विकल्प द्वारा सूचित किया जा सकता है, साथ ही टैग स्कैन होने पर टैग की लाइव लोकेशन भी प्राप्त हो जाती है। इसमे कॉल करने व रिसीव करने वाले दोनों का नंबर एन्क्रिप्टेड फॉरमेट में रहता है जिससे की प्राइवेसी बनी रहती है। श्री जैन ने बताया कि ‘इंटेलो टैग्स’ की सभी सुविधाओं को यूजर अपने अनुसार बेहद आसान तरीके से इंटेलो टैग्स मोबाइल एप्लीकेशन के द्वारा संशोधित कर सकता है।

‘इंटेलो टैग्स’ की सुविधा को जन-जन तक पहुँचाने और इसका लाभ देने के लिए इसकी शुरुआती कीमत मात्र 499/-रुपये (प्रति टैग) को बहुत पॉकेट फ्रेंडली रखा गया है। यही नहीं समाज में नैतिक जागरूकता व मानवीयता को बढ़ावा देने के लिए ‘इंटेलो टैग्स’ द्वारा एक अभियान शुरू किया है, जिसमें हर वह व्यक्ति, जो ‘इंटेलो टैग’ के माध्यम से दूसरों की मदद करने में आगे आएगा, उसको कंपनी के द्वारा स्पेशल डिस्काउंट के साथ एक सर्टिफिकेट दिया जाता है, जिससे समाज में लोगों में एक दूसरे की मदद करने की भावना उजागर हो और साथ ही मानवता का विकास हो।


‘इंटेलो टैग्स’ डिजिटल इंडिया और मेक माई इंडिया का बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें तकनीक के माध्यम से न सिर्फ लोगो को अपना खोया समान वापस पाने में मदद मिलती है बल्कि इसके द्वारा युवा पीढ़ी को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान किये जा रहे हैं। जिससे वह आत्मनिर्भर बन सकें और देश की तरक्की में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने बताया कि देश का कोई भी नागरिक उनसे बेहिचक मोबाइल नंबर 9717258111 पर संपर्क कर सकता है।

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